भगवान राम को यहां मिली थी ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति, 8वीं सदी में मंदिर

Devprayag Raghunath Mandir: मंदिर समिति के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने बताया कि त्रेता युग में भगवान राम ने रावण का वध किया था, जिससे उन्हें ब्रह्म हत्या का दोष लग गया था. इस दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने देवप्रयाग में कठोर तप किया, जिसके बाद उन्हें इस पाप से मुक्ति मिली.

भगवान राम को यहां मिली थी ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति, 8वीं सदी में मंदिर
Devprayag Raghunath Mandir: मंदिर समिति के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने बताया कि त्रेता युग में भगवान राम ने रावण का वध किया था, जिससे उन्हें ब्रह्म हत्या का दोष लग गया था. इस दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने देवप्रयाग में कठोर तप किया, जिसके बाद उन्हें इस पाप से मुक्ति मिली.